अतिवर्षा से खेतों से फसलें गायब, बाउण्ड्री बाल तक बह गई: राहत तो छोड़िए सर्वे सूची से यह गांव भी गायब - Shivpuri News

शिवपुरी। जिले में आई बाढ के कारण कई गांव तबाह हो गए,किसाान बर्बाद हो गए,खेतो में फसले पानी में डूब कर मर गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि खेतो की मिट्टी सहित बाउण्ड्री बाल तक वह गई। प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह ने जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए है कि बाढ प्रभावित गांवो के सर्वे इमानदारी से किए जाए लेकिन शिवपुरी अनुविभाग के कई गांव प्रशासन ने सर्वे सूची से ही गायब कर दिए हैं।

पिछले दिनों जिले में अति वर्षा के कारण बाढ़ के हालात निर्मित हो गए थे। बाढ़ के कारण जिले के सैकड़ों गांव किसानों की खेतों में खड़ी सोयावीन, मूंगफली, उड़दी, मूंग, बाजरा सहित अन्य फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई थी। बताया गया है कि जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ पीडि़त क्षेत्रों खराब हुई फसल का सर्वे कार्य किया जा रहा हैं।

सर्वे करने से पूर्व इन गांवों की सूची राजस्व, पंचायत व कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई थी। उक्त सूची में महेशपुर पंचायत के ग्राम डेंडरी और सिलपुरा का नाम शामिल नहीं हैं। ग्राम डेंडरी के कृषक बाबूलाल, नरेन्द्र, बल्ली, हरिप्रकाश, सतीश, रामचरण यादव, व सिलपुरा के कृषक अवतार सिंह गुर्जर, गंदर्भ सिंह, परमाल सहित अन्य गांव के किसानों ने बताया कि पास के गांव महेशपुर में गत दिनों फसल नुकसान का सर्वे किया जा चुका हैं

जब कृषि विभाग के अधिकारी व ग्राम पंचायत के सचिव सहित राजस्व विभाग के अधिकारियों से उनके गांव में सर्वे क्यों नहीं किया जा रहा। इस पर से उक्त विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सर्वे सूची में उनके गांव सिलपुरा और डेंडरी का नाम नहीं हैं। गांव के लोगों ने बताया कि इन दोनों ही गांव में दो नदियां हैं उक्त दोनों नदी ग्राम डेंडरी के आगे मिलने से यहां पानी का बहाव व भराब बहुत अधिक हो जाता है

जिससे उनकी फसलें तो नष्ट हुई साथ ही खेत की मिट्टी व खेतों की गई बाउण्ड्रीबाल भी पानी के साथ बह गर्ई इससे उनको लाखों रूपए का नुकसान हुआ हैं। उक्त गांव के नागरिकों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं जिलाधीश से मांग की है कि इन दोनों गांवों का सर्वे कार्य शीघ्र कराया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।