बढ रहा स्मैक और बांग का नशा, कई घरों के चिराग कर रहे चोरी छिपे नशा - Shivpuri News

शिवपुरी। युवाओं की रगो में खून की जगह नशा दौड रहा है। कई रसुखदार परिवारों के लाडले भी चोरी छिपे स्मैक से लेकर बांग का नशा कर रहे हैं। इतना ही नहीं तो शहर के कई ऐसे परिवार भी है जिनके लाडले पढने लिखने की उम्र में नशे के आदी हो गए हैं। ऐसे में अब बच्चों पर नजर रखने की जरूरत है और माता पिता को यह भी गौर करना होगा कि उनका बच्चा किसी तरह का नशा तो नहीं कर रहा है। क्योंकि शहर में जिस तरह से स्मैक और बांग की खेप आ रही है उससे लगता है कि युवा नशे की गिरफत में हैं।

बांग सस्ता, इसलिए अपना रहे इसे

बांग यानि गांजा वह भी पहाडी गांजा। यह पहाडी गांजा हिमाचल से शिवपुरी में आ रहा है और इसके शौकीन कई लोग हैं। कई लोग इसे चिलम में भरकर तो कई लो्ग सिगरेट में भरकर इसका नशा कर रहे हैं। देर रात होने वाली रईसों की शराब पार्टी में बांग भी परोसा जा रहा है। बांग का नशा सस्ता भी पडता है इसलिए लोग इसे अपना रहे हैं।

एक माह में पकडी गई स्मैक और गांजा

शिवपुरी पुलिस की बात करें तो पुलिस ने बीते एक माह में गांजा और स्मैक पर कार्रवई करते हुए स्मैक और गांजा को बाहर से लाकर शिवपुरी में बेचने वाले आरोपियों को गिरफतार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। लेकिन अब भी शहर में कई ठिकानों पर स्मैक और गांजे की चोरी छिपे डिलेवरी हो रही है।

पुलिस से बचने अपनाए नायाब तरीके

अब नशा के कारोबार करने वाले आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए नया तरीका अपना लिया है। नशेडी युवक से पैसा लेकर उसके हाथ में पुडिया या गांजा नहीं दे रहे हैं बल्कि उसे बताया जाता है कि वहां स्मैक और गांजे की पुडिया रखी है उस पत्थर के पास से या ईट हटाकर वह वहां से ले सकता है।

कई युवा नशे की गिरफत में

कई युवा नशे की गिरफत में है। ऐसे में माता पिता को चाहिए कि वह अपने लाडलों पर नजर रखें। इतना ही नहीं रात के समय बच्चों के साथ समय बिताएं और उनकी परेशानियों को भी समझेें। साथ ही बच्चों की नियमित जांच भी कराएं कि कहीं वह किसी तरह का नशा तो नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं बच्चोंं के दोस्तों से भी संपर्क में रहे।