शिवपुरी विकास का मेरा सपना मूर्तरूप धारण कर रहा है, वैक्सीन और मास्क ढाल और तलवार: ज्योतिरादित्य सिंधिया - Shivpuri News

शिवपुरी। मेरा लक्ष्य विकास और प्रगति है तथा शिवपुरी विकास का मेरा सपना अब मूर्तरूप धारण कर रहा है। मेडीकल कॉलेज बनकर तैयार हो गया है। थीम रोड़ मूर्तरूप ले रही है। एनटीपीसी इंजीनियरिंग कॉलेज का काम प्रारंभ हो गया है।

सिंध जलावर्धन योजना जिसके लिए मैंने 15 साल लड़ाई लड़ी अब क्रियान्वित हो चुकी है और यह मेरे लिए प्रसन्नता की बात है। उक्त बात राज्यसभा सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिला अस्पताल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। इस अवसर पर श्री सिंधिया के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राठखेड़ा, विधायक वीरेंद्र रघुवंशी सहित उनके अनेक समर्थक मौजूद थे।

श्री सिंधिया से जब पूछा गया कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल में उनके शामिल होने की चर्चाएं चल रही हैं तो श्री सिंधिया ने कहा कि मैं कल भी आपका सेवक था, आज भी सेवक हूं और जीवन की अंतिम सांस तक आपका सेवक रहूंगा। कोरोना काल में अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की चर्चा करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि अर्थव्यवस्था के तहस-नहस होने से कोई भी देश बचा नहीं है।

पूरे विश्व में कोविड के कारण आर्थिक संकट आया है। हमारी प्रदेश और केन्द्र की सरकार जनता की मदद के लिए अग्रसर होकर आगे आ रही है। चाहे 80 करोड़ लोगों को राशन वितरण की बात हो, चाहे एक-एक क्षेत्र में नई सुविधाएं देने की बात हो तथा जिन लोगों के घरों में क्षति हुई है वहां कुछ न कुछ मदद पहुंचाने की बात हो।

इस वातावरण में थोड़ा संकट है। लेकिन जैसे-जैसे आर्थिक गतिविधियां बढेंगी नियंत्रण में हर चीज आएंगी। जनता ने सदैव प्रधानमंत्री जी और भारतीय जनता पार्टी में विश्वास रखा है। इस विश्वास को हमेशा कायम रखा जाएगा।

वैक्सीन तलवार तो मास्क ढाल : श्री सिंधिया

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। कोरोना से बचाव के लिए जहां वैक्सीन तलवार का काम करेगी। वहीं मास्क ढाल। इसमें कोई कोताही नहीं होना चाहिए।

कोरोना वायरस के लिए जरा सा भी स्पेस नहीं देना चाहिए। तीसरी लहर का खतरा सिर्फ वैक्सीन और मास्क लगाकर ही कम किया जा सकता है। श्री सिंधिया ने कहा कि अभी भी बहुत से लोग मास्क नहीं लगाते। मैंने अपने दौरे में ऐसे कई लोगों को देखा और उन्हें समझाईश दी कि वह मास्क अवश्य लगाएं।