TI कोतवाली का कारनामा: फरियादी को ही अवैध हथियार का आरोपी बना दिया, आरोपी को छोड दिया - Shivpuri News

शिवपुरी। जब से शिवपुरी कोतवाली की कमान टीआई बादाम सिंह यादव ने संभाली है तब से ही कोतवाली में एक के बाद एक नए कारनामें सामने आते रहे है। टीआई कोतवाली एसपी राजेश सिंह चंदेल के आदेश को भी हमेशा ठेंगा दिखाते रहे है। परंतु इनकी नौकरी के कुछ दिन बचने के चलते एसपी भी इन पर कार्यवाही से परहेज करते नजर आ रहे है।

ऐसा ही मामला आज प्रकाश में आया है जहां टीआई बादाम सिंह यादव ने अवैध हथियार के मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर उसे जेल भेज दिया। आरोपी अभी जेल में है परंतु जब इस मामले की तहकीकात की तो सामने आया कि यह मामला तो पूरी तरह से उल्टा ही है।

पहले समझे क्या है पूरी कहानी
दिनांक 20 मई 2021 को कोतवाली पुलिस को एक पॉईंट मिला कि गायत्री कॉलोनी में माखनदास बैरागी के घर पर विबाद हो रहा है। इस विबाद में पुलिस मौके पर पहुंची और वहां से आरोपी पिंटू बैरागी और माखनदास को लेकर कोतवाली आ गई।

जहां दोनो के बीच लेनदेन का विबाद होने के चलते पुलिस ने इस मामले में दोनों और से क्रॉस कायमी कर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली। यहां तक तो ठीक है। परंतु माखनदास बैरागी ने पुलिस को बताया कि आरोपी पिंटू से उसका लेनदेन का विबाद चल रहा है। जिसके चलते पिंटू उसके घर पर अवैध पिस्टल लेकर आया था।

जिसे दोनों में विबाद होने पर माखनदास ने छिना लिया जो उसके घर में रखा है। जिसपर पुलिस माखनदास को लेकर घर पहुंची और उस पिस्टल को जप्त कर बाहबाही लूटने उस पिस्टल को माखनदास के घर से जप्त होना बताकर माखनदास पर ही आर्म एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।

यहां तक तो ठीेक है परंतु जैसे ही माखनदास के परिजनों ने बताया कि आरोपी पिंटू उसके घर पर पिस्टल लेकर आया। तो पिंटू की प्रॉफाईल चैक की। जिसमें उसकी फैसबुक सहित वाट्सएप डीपी में पिंटू का फोटो पोस्ट है। जिसमें पिंटू वही पिस्टल अपनी कनपटी पर लगाए हुए है।

अब सबाल यह है कि शिवपुरी में आरोपीयों के हौसले इतने बुलंद है कि वह सरेआम अवैध हथियारों के साथ फोटों खींचकर शोसल साईड पर डालते है। परंतु पुलिस को इस मामले की भनक तक नहीं है। हम यहां किसी की बकालात नहीं कर रहे है अपितु पुलिस से सीधा सबाल कर रहे है कि शहर में हथियार माफिया आखिर सक्रिय कैसे हुए है।

अगर यह हथियार माखनदास का है तो क्या पुलिस ने छानबीन की कि यह उसके पास आया कहा से। अगर डीपी के आधार की बात करें तो फिर आरोपी पिंटू ने इस अवैध हथियार के साथ फोटों कैसे खिचाया। इतना ही नहीं अभी हाल ही में कोतवाली क्षेत्र में व्यापारी समीर गांधी के घर हुई बारदात में जिस आरोपी को पकडा है उसपर हथियार कहा से आया यह आज तक पुलिस तय नहीं कर पाई है।

हांलाकि पुलिस के पास आरोपी है फिर भी इन अवैध हथियारों के सरगना तक पहुंचने से पुलिस हर बार कैसे रह जाती है यह बडा सबाल है।