CORONA के मामले में ग्रामीण सचेत, शहरी लोगो ने दिखाई लापरवाही: बोल रहे है आंकडे - Shivpuri News

शिवपुरी। कोरोना की दूसरी लहर पहले से अधिक उंची थी,इस कारण संक्रमित मरीज पिछले वर्ष की तुलना में अधिक थे,मौतो ने तो इस बार रिकार्ड बनाया हैं। इस भयानक मंजर को जिसने भी देखा वह कभी भूल नही सकता हैं। शिवपुरी जिले के संक्रमण की रफ्तार के मप्र के सबसे संक्रमित जिलो में दूसरे नंबर पर आ गया था,हालाकि वर्तमान में यह ग्राफ गिरा हैं,लेकिन कोरोना के जो आंकडे निकल कर आए हैं उससे यह सिद्ध होता है कि कोरोना के मामले में ग्रामीण अधिक सचेत रहे ओर शहरी लोगो ने अधिक लापरवाही बरती इस कारण कोरोना शिकार शहरी आबादी हुई हैं।

आंकडो की बात करे वर्तमान समय में एक्टिव मरीजो की संख्या 2 हजार से कम हैं। इसमें से 60 प्रतिशत सक्रिय मरीज शहरी क्षेत्र के हैं,वही 40 प्रतिशत कोरोना के 40 प्रतिशत एक्टिव केस ग्रामीण क्षेत्रो में हैं। जबकि जिले की महज 20 फीसद आबादी ही शहर में रहती है। शेष 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण अंचल में रहती हैं।

ग्रामीणो ने आगे आकर कोरोना के रास्ते बंद किए

करैरा,कोलारस और पोहरी में संक्रमण फैला भी। करैरा में 20 से अधिक लोगों की मौत हुई। कोलारस में भी बड़ी संख्या में मरीज मिले और मृत्यु भी हुई। इसके बाद तहसीलों से गांव-गांव तक संक्रमण फैलने से रोकने के लिए ग्राम पंचायतों ने स्वैच्छिक कोरोना कर्फ्यू लगाया और गांव के प्रवेश के रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया।

गांव के बाहर के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया गया, चाहे किसी का रिश्तेदार आए या फिर कोई दूसरा जरूरी काम हो। सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी में ही आवाजाही की अनुमति रही, वह भी सिर्फ गांव के निवासी को ही रही।

बदरवासः 60 गांवों में पहुंचा कोरोना,4 गांव रेड तो 32 गांव यलो जोन में

जनपद पंचायत बदरवास में 66 ग्राम पंचायतें आती है जिनमें करीब एक सैकड़ा से अधिक गांव हैं। कोरोना वायरस ने जहां 60 गांवों में अपनी पहुंच बना ली है। 4 गांव रेड जोन तो 32 गांव येलो जोन में चल रहे हैं। कोरोना के यह आंकड़े बता रहे हैं कि लोग अभी भी नहीं संभाल रहे इसलिए दिन-प्रतिदिन कोरोना के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं और संक्रमण का दायरा एक गांव से से दूसरे गांव में बढ़ता जा रहा है।

बदरवास में रामगढ़, खतौरा, गिंदौरा और बिजरौनी रेड जोन में शामिल हैं। वहीं बरौद,इंदार, ऐजवारा, रिजौदी, कुटवारा, ईचौनिया, पीरोंठ, बारई, माड़ा, धंधेरा, श्रीपुरचक्क, अलावदी, सजाई, तारावली, झंडी, ठाटी, सिंघारई, मड़वासा, अकाझरी, कुसुअन,विजयपुरा, बामौरखुर्द, रिनाह, अम्हारा, झूलना, बूढ़ाडोंगर, सड़वूड, मथना, मैंघौनाबड़ा, वहंगा, खजूरी, सुमैला यलो जोन में हैं। 31 पंचायतें ग्रीन जोन में हैं।

पिछोरः स्थिति अन्य जनपदों के मुकाबले बेहतर, सिर्फ दो रेड जोन

पिछोर अनुविभाग में आने वाले ग्राम खोड को रेड जोन में पहुंच गया है। यहां पर लोगों ने गंभीर लापरवाही दिखाई है। यहां पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 35 से ज्यादा दुकानें सील करने की कार्रवाई की है जिससे पता चलता है कि कर्फ्यू होने के बाद भी यहां पर इसका पालन नहीं हो रहा है। यहां पर 13 सक्रिय मरीज हैं। वहीं भौंती भी रेड जोन में शामिल है।

इसमें संक्रमितों की संख्या आठ हैं। इसके अलावा 27 पंचायतें यलो जोन में हैं, जिनमें कोरोना के 51 सक्रिय मरीज हैं। यहां पर 37 हजार की आबादी पर 51 संक्रमित हैं। पिछोर में संक्रमण की स्थिति अन्य जनपद पंचायतों के मुकाबले बेहतर है। यहां पर कम संक्रमित मिल रहे हैं।

कोलारसः सबसे ज्यादा संक्रमण यहीं, शिवपुरी के सबसे नजदीक

कोलारस शिवपुरी के सबसे नजदीक है और इसका परिणाम यह है कि यहां पर सबसे ज्यादा ग्राम पंचायतें रेड जोन में शामिल हैं। यहां पर 10 ग्राम पंचायतें रेड जोन और 22 पंचायतें यलो जोन में शामिल हैं। यहां पर संक्रमित सक्रिय मरीजों की संख्या 142 है जो अन्य किसी पंचायत के मुकाबले अधिक है। कोलारस शिवपुरी से काफी नजदीक होने के कारण यहां के लोगों की शहरी क्षेत्र में आवाजाही बहुत अधिक रहती है। यह भी यहां पर संक्रमण अधिक फैलने का कारण हो सकता है।

यह है गांव की स्थिति

रेड जोनः 37 पंचायतें रेड जोन में शामिल जिसमें 418 सक्रिय मरीज हैं। पंचायतों की कुल आबादी एक लाख 11 हजार 694 है।
यलो जोनः 187 पंचायतें यलो जोन में शामिल, जिनमें सक्रिय संक्रमित मरीजों की संख्या 348 है। इनकी आबादी दो लाख 66 हजार 577 है।
ग्रीन जोनः 368 पंचायतें ग्रीन जोन में शामिल हैं। यहां से रेड जोन और यलो जोन में आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित है।

यह है शहरी क्षेत्र की स्थिति

रेड जोनः 39 वार्ड में से 18 वार्ड रेड जोन में शामिल हैं जिनमें सक्रिय मरीजों की संख्या 608 है। यहां पर वार्ड क्रमांक 10 गणेश वार्ड में 76 मरीज, वार्ड 38 विवेकानंद वार्ड 62, वार्ड क्रमांक 37 महाराणा प्रताप वार्ड में 48 मरीज, वार्ड दो भगत सिंह वार्ड में 47 मरीज, वार्ड क्रमांक 15 दयानंद वार्ड में 46 मरीज, वार्ड क्रमांक 36 मुखर्जी वार्ड में 41 मरीज, वार्ड क्रमांक एक मंशापूर्ण वार्ड में 37 सक्रिय मरीज हैं।

यलो जोनः 19 वार्ड यलो जोन में शामिल हैं जिनमें 73 सक्रिय मरीज हैं।

ग्रीन जोनः शहर के सिर्फ दो वार्ड 23 नंबर और 33 नंबर ग्रीन जोन में शामिल हैं जिनमें अभी कोई सक्रिय मरीज नहीं है।