याद आया सरकार को अपना वादा: शहर की अवैध कॉलोनी होंगी वैध, प्रशासन की तैयारी शुरू - Shivpuri News

भोपाल। शिवराज सरकार (Shivraj Government) ने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की अवैध कॉलोनियों को वैध करने का ऐलान किया था. सरकार रहते हुए यह कार्रवाई भी शुरू हो गई थी, लेकिन सत्ता हाथ से जाने के बाद कांग्रेस सरकार में अवैध कॉलोनियों को वैध करने का मामला ठंडे बस्ते में चले गया. अब जब बीजेपी की सरकार वापस आई है तो उसने फिर अवैध कॉलोनियों को वैध करने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह का सख्त आदेश है कि काम समय पर पूरा किया जाए.

शिवपुरी में हैं लगभग 100 अवैध कॉलोनिया

शहर में 100 से भी ज्यादा अवैध कालोनियां हैं, जिसमें से 57 कालोनियों को दो साल पहले कार्रवाई के लिए चि-ति कर लिया गया था। दो साल तक सिर्फ नोटिस देने का काम चलता रहा, जिसके चलते इन पर कार्रवाई नहीं हुई। अब यह कालोनियां वैध तो हो सकती हैं, लेकिन इसके लिए यहां के प्लाट होल्डर्स को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

जब अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू होगी, तो यह देखा जाएगा कि कालोनी में क्या-क्या विकास कार्य छूटे हुए हैं। जो भी विकास कार्य जैसे सड़क, नाली, पार्क आदि छूटे हुए होंगे, उसके लिए प्लाट होल्डर्स को राशि चुकानी पड़ सकती है। एक कालोनी के विकास की राशि करोड़ों रुपये में होती है जिसे सभी प्लाट होल्डर्स के बीच बराबर बांटा जाएगा।

वहीं कॉलोनाइजर के लिए एफआइआर का प्रावधान है। हालांकि अभी यह स्थिति स्पष्ट नहीं है कि यह पूरी राशि प्लाट होल्डर्स से ही वसूल की जाएगी या फिर यह राशि सरकार देगी। यदि राशि सरकार ने दी तो फिर इन कॉलोनियों के वैध होने का रास्ता साफ है।

नगर पालिका सीएमओ ने तहसीलदार शिवपुरी के दिसंबर 2019 के पत्र में 57 कॉलोनियों की सूची सौंपी। इसके बाद पत्राचार का क्रम जारी रहा, जिसमें बताया गया कि 57 में से 23 कॉलोनाइजर्स ने ही जवाब पेश किया। अन्य ने नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। इसकी सूचना एडीएम कार्यालय को भी दी गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने कुछ माह पूर्व समीक्षा बैठक में फिर से अवैध कालोनियों का मुद्दा उठाया तो प्रशासन एक बार फिर नई सूची तैयार करने में जुट गया।

अवैध कालोनी काटने वालों में सत्ता पक्ष के नेता भी शामिल

जिन 57 अवैध कालोनाइजर्स की सूची तैयार की गई थी उसमें कई भाजपा नेताओं के नाम थे। शहर में जो अवैध कॉलोनियां हैं, उन्हें काटने वाले पार्टी में वरिष्ठ पदों पर हैं। इनके दबाव में भी कई बार कार्रवाई प्रभावित होती है। हालांकि शहर में अवैध कालोनी काटने के मामले में कांग्रेस वाले भी पीछे नहीं। इसके अलावा शिवपुरी में जमीनों के विवादित सौदों में पूर्व पुलिस अधिकारियों से लेकर डाक्टर तक शामिल रहते हैं।