अक्षय तृतीया पर होने वाले बाल विवाह को रोकेने लिए टीम का गठन - Shivpuri news

शिवपुरी।बसंत पंचमी 16 फरवरी एवं 14 मई 2021 अक्षय तृतीया के अवसर पर बड़ी संख्या में विवाह आयोजन होते है, जिनमें बाल विवाह होने की संभावना प्रबल रहृती है। गत वर्ष कोविड काल में लॉक डाउन के दौरान जिले में होने वाले विवाह आयोजनों में जिला प्रशासन द्वारा सूचनाओं के आधार पर 58 बाल विवाह मौके पर रुकवाये गये थे।

कलेक्टर  अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश को बाल विवाह रहित बनाने के लिए वर्ष 2013 से म.प्र. सरकार द्वारा लाड़ो अभियान का संचालन किया जा रहा है, उसके बावजूद भी बाल विवाहों का होना गंभीर विषय है। इस सामाजिक अपराध को सामुदायिक सहयोग के बिना मिटाया जाना संभव नहीं है।

16 फरवरी 2021 वसंत पंचमी एवं 14 मई 2021 अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह के आयोजन न होने पाये इसके लिये निम्नानुसार कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तर पर परियोजना अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी एवं पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर बाल विवाह न होने देने के संबंध में निर्देशित करने को कहा है।

ग्राम एवं विकासखण्ड स्तर पर बाल विवाह रोकथाम हेतु टीम का गठन करें तथा टीम के सदस्यों, विभागीय अधिकारियों के दूरभाष नम्बरों का पयाप्त प्रचार प्रसार किया जाये। विकासखण्ड स्तर पर एक कन्ट्रोल रुम बनाया जायेगा जिस पर बाल विवाह की सूचना दी जा सकेगी।

ग्राम, वार्ड स्तरों पर बाल विवाह की सूचना प्राप्त करने हेतु प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र पर सूचना तंत्र का गठन करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें स्वसहायता समूहों के सदस्य, शौर्यादल सदस्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मातृ सहयोगिनी समिति के सदस्य एवं पंच सरपंच को सम्मलित किया जाएगा।

विवाह में सेवा देने वाले सेवा प्रदाताओं, कोर ग्रुप सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों एवं अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ कार्यशाला का आयोजन किया जाकर बाल विवाह के दुष्प्रभाव से परचित कराकर संवेदनशील बनाया जाए तथा उन्हे बाल विवाह में सहयोग न करने हेतु प्रेरित किया जाये।

समूहिक विवाह आयोजनों हेतु पंजीयन के समय वर-वधु के उम्र के मूल दस्तावेजों का प्रति परीक्षण आवश्यक रुप से किया जावे। उम्र के प्रमाण हेतु जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल की अंकसूची अथवा आंगनवाडी के रिकार्ड से प्रमाणीकरण लिया जाएगा, इन दस्तावेजों के अभाव में ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडीकल प्रमाण पत्र को मान्य किया जाएगा।

निर्देश जारी कर कहा है कि समूहिक विवाह आयोजन करने वाले आयोजकों से शपथ पत्र प्राप्त करें कि वे अपने आयोजनों में बाल विवाह संम्पन्न नहीं करेगे। इसी तरह अन्य सेवा प्रदाताओं यथा प्रिटिंग प्रेस, हलवाई,केटरर,धर्म गुरु, बैंड वाला, ट्रांसपोर्ट एवं समाज प्रमुखों से अनुरोध किया जाये कि उम्र संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के पश्चात ही अपनी सेवाऐं प्रदान करें। प्रिटिंग प्रेस में मुद्रित की जा रही विवाह पत्रिका में ''वर-वधु की उम्र विवाह योग्य है'' का उल्लेख करने हेतु जिले के समस्त प्रिटिंग प्रेस संचालकों को निर्देशित करें।