जिस मुद्दे पर लड रहे थे पत्रकार प्रमोद रावत,वही मुद्दा बना मौत का कारण: शोक में मीडिया - Shivpuri News

शिवपुरी। आज 3 दिसबंर का दिन शिवपुरी की मीडिया के लिए शोक का दिन साबित हुआ हैं। शिवपुरी के युवा पत्रकार प्रमोद सिंह रावत की एक सडक दुर्घटना में मौत हो गई। घटना स्थल वही है जिसे मृतक पत्रकार प्रमोद रावत लगातार प्रकाशित कर रहे थे कि यह एनएचआई की सबसे बडी गलती है और यह मौत का मोड हैं। आज लिखना पड रहा हैं कि जिस मुद्दे पर प्रमोद रावत एनएचआई से लड रहे थे वही मुद्दे का कारण आज प्रमोद की मौत का कारण बना है। 

जानकारी के अनुसार पत्रकार प्रमोद सिंह रावत उम्र 35 वर्ष पुत्र रमेश रावत निवासी ग्राम ककरवाया अपने गांव ककरवाया से अपनी बाईक से आज सुबह 9 बजे बडौदी जा और वह ककरवाया से फोरलेन पर पहुंचे उसी मोड पर एक शिवपुरी से ग्वालियर की ओर जा रहे एक ट्रक क्रमांक डी ने प्रमोद में आगे से टक्कर मार दी।

प्रमोद ट्रक में एक उलझे की बाईक सहित 200 मीटर तक घसीटते हुए चले गए। इस घटना में प्रमोद सिंह रावत की शरीर की हड्डिया टूट गई सिर भी कुचल गया जिससे घटना स्थल पर प्रमोद की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनो ने चक्काजाम कर दिया और गलत तरीके से बनाए गए जान लेवा मोड के जिम्मेदार एनएचआई के अधिकारी और ठेकेदार पर मामला दर्ज करने की मांग की। 

खबर लिखे जाने तक जाम खुल गया हैं लेकिन जिस मोड का नामाकंरण मौत का मोड करने वाले हमारे युवा पत्रकार इसी मोड पर मौत का शिकार हो गए। आज शिवपुरी की मीडिया शोक में हैं। 

यहां है मोड और यह थी जनहित की मांग 
ग्राम ककरवाया से फोरलेन में मिलने वाली जगह पर अंडर पास बनाने की मांग की जा रही थी इस मांग को माना नही गया। और सडक सीधे फोरलेन पर मिली हैं इस कारण यहां हादसे होते है। 

चक्काजाम में भी उठी यही मांग 
आज हुई घटना भी अंडर पास न होने के कारण हुई। ग्रामीणों ने मौके पर पुलिस अधिकारियों से मांग की कि एनएचएआई के अधिकारी और निर्माण कम्पनी पर एफआईआर दर्ज की जाए। इसके बाद ही वह जाम खोलेंगे। पुलिस मौके पर लोगों को समझाने के प्रयास में जुटी हुई है। वहीं शिवपुरी एसडीएम अरविंद वाजपेयी ने भी घटना स्थल पर पहुंच गए। जिन्होंने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया। 

लेकिन ग्रामीण बिना मांग पूरी हुए वहां से हटने को राजी नहीं है और जाम सुबह 9 बजे घटना के बाद से शुरू होकर दोपहर तक लगातार जारी रहा। जाम के कारण हाईवे पर तीन से चार किमी तक हाईवे की दोनों सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारे लग गईं। ग्रामीणों के जाम खोलने के राजी न होने के बाद एसडीएम अरविंद वाजपेयी ने एनएचएआई के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और उनसे चर्चा की।