विश्व स्ट्रोक दिवस - स्ट्रोेक सीधे मस्तिष्क पर अटैक करता है : BMO सांडे - SHIVPURI NEWS

शिवपुरी।
आज उप स्वास्थ्य केंद्र बाचरौन पिछोर जिला शिवपुरी मध्य प्रदेश में सी. एच .ओ. श्रीमती रिन्का लोधी के द्वारा विश्व स्ट्रोक दिवस का आयोजन किया गया जिस के मुख्य अतिथि डॉ संजीव कुमार सांडे बीएमओ पिछोर थे साथ ही दिनेश भार्गव मलेरिया अधिकारी, श्रीमती सीता कोली (ANM), राहुल शर्मा (MPW), विजयराम लोधी (अध्यापक कन्या माध्यमिक विद्यालय पिछोर, )रामपाल लोधी (आर एस एकेडमी संचालक, )

उमेश लोधी ,भुमान सिंह ,ज्ञान सिंह लोधी, आशा सहयोगिनी बेनबती लोधी समस्त आशाएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्राम वासी उपस्थित रहे बी. एम. ओ. ने उपस्थित सभी ग्रामीणजनो एवं कार्यकर्ताओं को स्ट्रोक के बारे में जानकारी दी तथा बीपी, शुगर और कैंसर जैसे लक्षणों की नियमित जांच करवाने के लिए कहा।

उप स्वास्थ्य केंद्र बाचरौन पर पदस्थ सी. एच .ओ .श्रीमती रिंका लोधी ने बताया कि विश्व स्ट्रोक दिवस हर वर्ष 29 अक्टूबर को मनाया जाता है यह भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में मनाया जाता है। सी एच ओ ने स्ट्रोक के लक्षण के बारे में बताया एवं स्ट्रोक से बचाव के उपायओ समझाये ओर बताया कि यह एक तरह का मस्तिष्क का अटैक है, जिसे आम भाषा में लकवा मारना कहते हैं ,जो मस्तिष्क को खून की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिनीयों के फटने से या दिमाग की नसों में खून का बहना रुकने के कारण होता है।

स्ट्रोक किसी को भी ,कभी भी और कहीं भी हो सकता है स्ट्रोक के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर वर्ष 29 अक्टूबर को वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है। स्ट्रोक दुनियाभर में वयस्कों में विकलांगता का एक कारण है जो स्ट्रोक के आघात से जिंदा बच जाते हैं उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

जैसे लखवा ,बात सुनने - समझने में समस्या ,पागलपन ,याददाश्त खोना आदि तथा इस रोग से बचाव की उपाय क्या है इन पर भी चर्चा की उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर ,कंट्रोल रखें और इसकी नियमित रूप से जांच करवाएं ,धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचें और अपनी सेहत का ख्याल रखें कोलेस्ट्रॉल युक्त खाने से बचें जिससे स्ट्रोक की संभावनाएं ज्यादा होती हैं।

रोजाना घूमने जाएं और नियमित व्यायाम करें ,तथा फल और हरी सब्जियों का सेवन करें तथा शरीर में बढ़ने वाली कैलोरी के लिए फिजिकल एक्टिविटी में जरूर हिस्सा लें इसके साथ ही ग्राम वासियों को योगा करने की सलाह दी तथा उन्हें सुबह सुबह घूमने की सलाह दी साथ ही इससे संबंधित आशा और आंगनबाड़ियों को सलाह दी कि आप गांव के लोगों को जागरूक करें।

इसके बारे में और इस बीमारी से बचा जा सके तथा नियमित रूप से सभी जांच कराते रहे है, सी.एच .ओ .ने कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम समाप्ति के बाद सभी आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा ग्रामीणों की बीपी ,शुगर की जांच की गई।