कलेक्टर की कोरोना बेरिकेटिंग के कारण बालक का पैर टूट गया / Shivpuri News

शिवपुरी। स्वास्थ्य विभाग और PWD की लापरवाही के चलते कोरोना के संदिग्ध मरीजों के घर के बाहर लगी जालियां न हटाए जाने से आए दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं। पॉजिटिव मरीज के निगेटिव होने के बाद भी जालियां वहां से न हटाकर किसी भी मकान से सटाकर खड़ी कर दी जा रही हैं। इसी लापरवाही के चलते कल रात 3 वर्षीय मासूम बालक विहान मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में चार टांके लगे हैं। वहीं पैर में फ्रेक्चर हुआ है। नगर में अनेक लोग भी जालियों के टकराने से दुर्घटनाग्रस्त होकर घायल हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के  अनुसार स्वास्थ्य विभाग महज औपचारिकता निर्वहन में लगा हुआ है। नियमानुसार संदिग्ध मरीज के निवास स्थान पर जालियां लगाई दी जाती है। जिसमें अवगत कराया जाता है कि उक्त मकान में संदिग्ध मरीज निवास करता है जिससे दूरी बनाई रखी जाए। लेकिन कोरोना मरीज निगेटिव होने के बाद भी वहां से जालियां कई-कई महीनों तक नहीं हटाई जा रही हैं और जिसके लिए स्वस्थ हुए लोगों को एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन करना पड़ता है।

इसके बाद भी कई स्थानों से जालियां नहीं हटी जाती हैं। पिछले दिनों विष्णु मंदिर के पीछे एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव जांच में पाया गया और उसके निवास स्थान के बाहर जाली लगा दी गई। लेकिन उसके स्वस्थ होने के बाद भी वहां से जाली न हटाकर पास ही स्थित रिर्पोटर रोहित मिश्रा के निवास स्थान से टिकाकर खड़ी कर दी गई।

जिसे हटाने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को निवेदन किया गया। लेकिन इसके बाद भी जाली नहीं हटाई गई। कल रात पत्रकार रोहित मिश्रा का मासूम बालक विहान जब घर से बाहर आया तो रात्रि में जाली से टकराने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में चोट लगी और पैर में फ्रेक्चर का एहसास हुआ।

जिसके फलस्वरूप सिर में चार टांके लगे और आज जब उसके पैर का एक्स-रे कराया गया तो फे्रक्चर पाया गया। यहीं नहीं अनेक लोग इन जालियों से टकराने से घायल हो चुके हैं। परंतु इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी और प्रशासन की तंद्रा नहीं टूटी है।