बडी खबर: खुद की मान्यता नहीं और 30-30 हजार में स्कूल की फ्रेंचाइजी दे रहा था, SHIVPURI SAMACHAR ने किया भंडाफोड

सतेन्द्र उपाध्याय/शिवपुरी। खबर शहर के फिजीकल थाना क्षेत्र के सिद्धेश्वर मंदिर के सामने से आ रही है। जहां आज शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की सक्रियता ने एक फर्जी स्कूल संचालक की पोल खोलकर रख दी। इस मामले की सूचना शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने प्रशासन को दी। 

जहां प्रशासन ने डीईओ सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर भेजा। परंतु प्रशासनिक अपने को भी उक्त फर्जी संस्था के संचालक ने गुमराह कर दो घंटे में कागजात उपलब्ध कराने की बात कही। परंतु खबर लिखे जाने तक 4 घंटे बीत जाने के बाद भी उक्त स्कूल संचालक कोई भी कागजात उपलब्ध नहीं करा पाया।

जानकारी के अनुसार शिवपुरी समाचार डॉट कॉम को सूचना मिली कि एक अखबार में बडा विज्ञापन जारी कर एक स्कूल मुम्बई टॉप 30 गुरूकुलम के नाम से महज एक कमरे में स्कूल के संचालन के साथ साथ शहर के भोले भाले युवा और युवतीयों को गुमराह कर 30-30 हजार रूपए लेकर उन्हें स्कूल संचालन की ट्रेनिंग दे रहे है। जब इस सूचना पर शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की टीम पहुंची तो उक्त स्कूल में युवा और युवतीयों को गुमराह कर उनसे रूपए ऐंठ रहे है।

तत्काल इस मामले की सूचना शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने प्रभारी कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ एचपी वर्मा सहित थाना प्रभारी फिजीकल सुनील खेमरिया को दी। जिसपर से तत्काल फिजीकल थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। 

जहां जाकर उक्त स्कूल संचालक से स्कूल की मान्यता की मांग की तो वह पूरे कागज होने की बात कहते दिखे। जिसपर महज स्कूल संचालक रेंट एग्रीमेंट के जरिए प्रशासन को गुमराह करते दिखे।

इस सूचना पर बीआरसी अंगद सिंह तोमर और डीईओ कार्यालय से एके रोहित मौके पर पहुंचे। जिन्हे भी उक्त स्कूल संचालक ने गुमराह कर चलता कर दिया। उसके बाद इस मामले की सूचना पर जिला शिक्षाधिकारी अजय कटियार उक्त कार्यालय पर पहुंचे। जहां जाकर उन्होंने बारीकी से चर्चा की तो वह आज ही मान्यता के लिए एप्लाई करने की बात कहते नजर आए। उसके बाद पूरे कागजात 2 घंटे में उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

कैसे कर रहे थे फ्रोड

उक्त स्कूल संचालक शिवपुरी जिले में मुम्बई टॉप 30 गुरूकुलम के नाम से संस्था चला रहे थे। इस संस्था को ही मान्यता नहीं मिली इससे पहले वह पूरे जिले में अपनी 7 संस्थाओं की फ्रेन्चाईसी जारी करने का विज्ञापन जारी कर चुके थे। उसके बाद इन 7 संस्थाओं के संचालन के लिए युवा और युवतीयों की भर्ती कर रहे थे। जिन्हें ट्रेनिंग देने के एवज में अलग अलग पद के लिए 30 हजार रूपए प्रति व्यक्ति बसूल कर रहे थे।

यहां सबाल खडा होता है कि जब इस संस्था के पास इस कार्यालय के संचालन का एक कागज तक उपलब्ध नहीं था फिर यह किस आधार पर बसूली कर रहे थे। जब इस मामले की जांच की तो सामने आया कि उक्त युवक लोगों को गुमराह कर रहा था।

पहले भी नौकरी के नाम पर ठगें जा चुके है युवा

यह पहला मामला नहीं से। इससे पहले भी शिवपुरी जिले के भोले भाले युवा युवतीयों को उक्त तरह से नौकरी का झांसा देकर ठगा जा चुका है। एक के बाद एक 28 लोगों से उक्त संचालक पैसे बसूल कर चुका है। जब इस मामले की एक सूचना मात्र भी प्रशासन के पास नहीं है तो फिर यह शहर में साधे कट्टे पर बसूली कैसे कर सकते है।

इनका कहना है
उक्त लोगों के पास कोई भी कागजात नहीं मिला है। वह 2 बजे तक कागज उपलब्ध कराने की बात कह रहे थे। परंतु उन्होंने अभी 4 बजे तक कोई कागज उपलब्ध नहीं कराए है। इस तरह से प्रशासन की बिना सूचना के इस तरह की संस्था प्रारंभ करना किसी भी हद तक कानूनी नहीं है। और न ही बिना मान्यता के इस तरह से बसूली की जा सकती। अब अगर वह नहीं आता तो फिर हम जाकर उसको सील करेंगे।
अजय कटियार,डीईओ शिवपुरी।

इनके पास हमें भी कोई कागज नहीं मिले। हमसे उसने 1 बजे कागज लेकर कार्यालय में आने की बोला था। परंतु वह अभी तक नहीं आया। अब जो भी निर्देश वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त होगा उस हिसाब से कार्यवाही की जाएगी।
अंगद सिंह तोमर,बीआरसीसी शिवपुरी।