हमारे संस्थान इंडकटेंस एज्युकेयर में हर बच्चे की प्रोफाईल बनती है जिससे बच्चा जिनियस हो जाता हैं: शिक्षाविद किशोर जैमिनी

शिवपुरी। हर बच्चा जीनियस होता हैं,जैसे जोहरी हीरे को तरासता हैं ऐसे ही जवाबदार उत्तम गुरू या शिक्षा संस्थान बच्चे की छिपी हुई प्रतिभा को तराशकर जीनियस बनता हैं। बस जरूरत हैं उसके सब्जेक्ट के प्रति भय को हटाकर बेस को मजबूत करने की। छोटे क्लास से ही उसको टारगेट के निर्धारित कराकर उसे सही दिशा देने की। जरूरत है टारगेट से होने बाले लाभों से परिचित कराने की।ऐसा कहना हैं अपने संस्थान में आने वाले बच्चो को तरासकर हीरा बनाने वाले शिक्षाविद किशोर जैमिनी का।

शिवपुरी के शिक्षा पद्धति के विषय में शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की संवाददाता खूशबू शिवहरे ने इंडकटेंस एज्युकेयर शिक्षा संस्थान के डारेक्टर शिक्षाविद किशोर जैमिनी से बातचीत की। श्री जैमिनी का कहना हैं कि हमारी शिवपुरी में शिक्षा का हब बनने की अनंत संभाबनाएँ हैं। देश में नए 75 मेडिकल कॉलेजो का खुलना उनमें से भी 10 म प्र में 2022 तक खुलने बाले है और आई आई टी और एम्स जैसे संस्थानो की देश मे लगातार बढोत्तरी के कारण बच्चे को रूझान बायोलॉजी और मैथ विषयो की ओर तेजी से हुआ हैं।

किशोर जैमिनी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि वर्तमान समय में एक मध्यमवर्गीय परिवार की आधी इंनकम ऐजूकेशन पर ही खर्च हो जाती हैं। एक आंकडा हैं कि शिवपुरी जिले से लगभग हर वर्ष लगभग 500 बच्चे कोटा या इंदौर पढने जाते हैं ओर सफलता का प्रतिशत मात्र 1  से अधिक नही हैं। प्रत्येक बच्चे पर लगभग 3 लाख रूपए खर्च होता हैं। यानी 15 करोड़ में बमुश्किल 2-4 राजिल्त मिल रहे है,शेष बच्चे असफल होकर गुमनाम हो जाते है।बजह है बेश का कमजोर होना।

आप विश्वास मानिए आपका बच्चा भी जीनियस हैं,बस उसे आवश्यकता हैं सही समय पर दिशा देने की। बच्चे का बैस 8वीं क्लास से ही बनना शुरू हो जाता हैं। देखने में यह छोटी क्लास लगती हैं लेकिन आपके बच्चे का भविष्य निर्धारण यही से शुरू होता हैं। यदि हमने छोटे क्लासेस में मैथ पर इंटरेस्ट पैदा नही करा पाया तो उसका डर निकलना बहुत कठिन हो जाता है।

हम अपनी कॉचिंग में 8वीं से 12 क्लास के बच्चे को हम कॉम्पिटशन के पेपरो की तैयारी करवाना शुरू कराते हैं बच्चे को मैथ फिजीक्स,कैमिस्ट्री और सांईस के प्रति आत्म्विश्वास पैदा कराते हैं। हमारी फैकल्टी भी उच्च शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ी होकर बर्षो का उच्च संस्थाओं में पढ़ाने का अनुभव रखती हैं।

हमारे संस्थान में रट्टा पढ़ाई नही पढाई जाती हैं,बच्चे को मैथ फ़िजिक्स के एक सवाल में कई तरह की ट्रीको से हल करना सिखाते हैं हम बच्चे बच्चे को डर से नही सिखाके पढ़ाते हैं। हम 9th से ही नीट/ आई आई टी के पेपर को अपने बच्चो से हल करवाना सुरु कर देते हैं।हमारे रेग्युलर टेस्ट बच्चे का परीक्षा से डर खत्म कर देता है।

हमारे यहां पढने वाले हर बच्चे की प्रोफाईल तैयार होती हैं बच्चा किस विषय से डर रहा हैं। या सिर्फ आपके डर के कारण अपने स्कूुल जा रहा हैं और कोचिंग जा रहा हैं। बच्चो की प्रोफाईल बनाने से उसका पुूरा मुल्याकन हो जाता हैं,फिर उसी हिसाब से उस पर वर्क किया जाता हैं। उसका पढने के प्रति मॉटिवेशन किया जाता हैं जिससे उसे पढने में मजा आए।

पढने का उद्देश्य समझाया जाता हैं,जिनियस बनकर पढना क्यो आवश्यक हैं,यह उसे समझाया जाता हैं। बच्चा पढने से भागे नही यही हमारा पहला टारगेट होता हैं। हमारे संस्थान में एक ही छत के नीचे पूरे विषयो को पढाया जाता हैं,जिससे आपके बच्चे का समय बच सके,सभी नियमो का पालन किया जाता हैं। सुरक्षा के भी पूरे इंतजाम हमारे संस्थान में किए गए हैं।  

हमारी पढाने की पद्धति के कारण हमारे संस्थान ने 3 साल के अंदर की कई उपलब्धिया हासिल की हैं। कई बच्चे आईआईटी और मेडिकल के लिए सिलेक्ट हुए हैं।