आधर कार्ड के जरिए अंगूठा लगवाकर भोले भाले ग्रामीणों को लूट रहे है क्योस्क संचालक | Shivpuri News

शिवपुरी। केंद्र सरकार के द्वारा संचालित बैंकों ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधाएं देने के हिसाब से ग्रामीण अंचलों में शाखाएं खुलवा दी हैं। परंतु अधिकांश कियोस्क संचालक ग्रामीण क्षेत्रों में शाखाएं ना चलाते हुए कोलारस नगर में धड़ल्ले से शाखाएं संचालित कर रहे हैं और उपभोक्ताओं के रुपए तक हेराफेरी कर उपभोक्ताओं को गुमराह कर निकाल रहे हैं। रुपए आधार कार्ड से रुपए निकालने के मामले कोलारस क्षेत्र में बीते माह निकल कर सामने आए थे। अधिकांश कियोस्क संचालकों ने तो बैंकों सेलोन तक गरीब उपभोक्ताओं के निकाल लिए हैं।  

उपभोक्ता पढ़े-लिखे ना होने के चलते वह समझ नहीं पाते परंतु जब खाता चैक करवाते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि हमारे साथ धोखाधड़ी की है। कोलारस सहित ग्रामीण अंचलों में संचालित हो रही शाखाओं में जमकर संचालकों द्वारा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है राष्ट्र्रीय कृत बैंकों की शाखाएं यहां पर संचालित है। इसके बावजूद भी बैंक के आला अधिकारियों द्वारा संचालकों पर आखिर क्यों कार्रवाई नहीं की जाती कुछ लोगों का तो कहना यह भी है। कि आला अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक के महीने संचालकों से बंद है हुए हैं। जिसके चलते संचालकों के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं और वे जमकर फर्जीवाड़ा कर गरीब उपभोक्ताओं को गुमराह कर खुलेआम लूटने में लगे हुए हैं।

किराए के कमरों रहने वालों के अब बनने आलीशान भवन    

पहले रहते थे किराए के कमरों में आलीशान मकान तक बना लिए कोलारस के ग्रामीण अंचलों में संचालित की ,ओर का संचालन पहले किराए के मकानों में करते थे परंतु अब देखते ही देखते उनका खुद का आलीशान भवन यहां तक की फोर व्हीलर गाड़ी। यह सब आखिर आया कहां से इनके यहां पर लोकायुक्त पुलिस की छापामार कार्रवाई करना चाहिए अधिकांश कियोस्क संचालक कुछ ही महीनों में मालामाल हो गए। हम आपको बता दें कि इन कियोस्क संचालकों द्वारा बड़े पैमाने पर धांधली और गरीब उपभोक्ताओं के पैसे तक निकाल लेते हैं।

अधिकांश उपभोक्ताओं के नाम पर केसीसी सहित लोन तक लिए गए हैं यदि वरिष्ठ अधिकारी आकर निरीक्षण करें तो इनकी शाखाओं पर काला लग सकता है। संचालकों पर कार्रवाई हो सकती है आखिर नियमों के तहत ग्रामीण क्षेत्र की शाखा कोलारस में हो रही है संचालित कोलारस क्षेत्र की राई, पचावली सहित अनेक गांव की शाखाएं कोलारस में चल रही है आखिर किसके आदेश पर यह शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में ना चलते हुए कोलारस नगर में चलाई जा रही है। यह एक सोचनीय बिंदु है कोलारस में संचालित होने से ग्रामीण क्षेत्र के लोग किराया लगा कर आते हैं और यदि शाखाएं बंद मिलती है तो उन्हें वापस जाना पड़ता है जिसके चलते इनका समय बर्बाद होता है साथ ही रुपया बर्बाद हो रहा है राष्ट्रीय कृत बैंकों के आला अधिकारी आखिर क्यों नहीं करते इन पर कार्रवाई।