9 माह में 52 मौत, सैकडों घायल: सक्षात यम का रूप बना हाईवे और यमदूत बने जानवर

शिवपुरी। जिले से निकले हाईवे सक्षात यम का रूप धारण कर चुका हैं,ओर यमदूत का रूप आवरा जानवर बने हुए हैं। हाईवो पर हो रहे गढडे एक्सीडेंटो की मददगार बन रहें हैं। सुविधा युक्त सडको का देने वाली एनएसएआई टोल टैक्से तो वसूल रही हैं,लेकिन सुरक्षा का कोई गणित उसके पास नही हैं।

न्यू सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी माह से अभी तक जिले के कोटा झांसी फोरलेन हाइवे, ग्वालियर देवास फोरलेन हाइवे सहित अंचल के राजमार्गों पर सड़क हादसो में मरने वालों की तादात 52 तक पहुंच गई है। वहीं कई लोग स्थाई रूप से विकलांग हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि नए बने हाइवे भी बदहाल हैं जिसके नतीजे में सड़क ऊबड खाबड हो गई हैं और वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

नए बने हाइवे की सड़क हुई ऊबड़ खाबड़

ग्वालियर से शिवपुरी और शिवपुरी से गुना तक करोडों की लागत से बनाया गया फोरलेन हाइवे भी गुणवत्ता के अभाव में बदहाल होता जा रहा है। सड़क पर भारी वाहनों के चलते सड़क कई जगह पर धसक गई है और सड़क ऊबड खाबड हो गई हैं जिसके नतीजे में वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि हाइवे के बदहाल होने के चलते वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं और दुर्घटना घटित हो जाती है।

आवारा मवेशी भी बन रहे दुर्घटना का सबब

बारिश के दिनों में हाइवे पर मवेशियों की भरमार है। इसके चलते रात के समय अंधेरे में वाहन चालकों को कई बार मवेशी दिख नहीं पाते हैं और वह दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वाहन चालकों का कहना है कि हाइवे के दोनों ओर ऊंची जालियां लगाई जाएं, जिससे यह मवेशी सड़क पर न आए।

झांसी फोरलेन

झांसी फोरलेन पर सुरवाया के समीप अमोला घाटी, अमोला पुल पार करने के बाद अमोला क्रेशर, नया अमोला, काली पहाड़ी, दिनारा सहित कई अन्य ऐसी जगह हैं, जहां आवारा मवेशी झुंडों में सड़क के बीचों बीच बैठ जाते हैं। इसके नतीजे में तेज रफ्तार वाहन चालकों को यह दिख नहीं पाते हैं। इससे कई बार हादसे घटित हो जाते हैं।

ग्वालियर फोरलेन

ग्वालियर फोरलेन हाइवे पर सतनवाडा, गुरावल, सुभाषपुरा, कलोथरा जैसे इलाकों में भी आवारा मवेशी सड़कों पर बैठ जाते हैं। इससे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इन आवारा मवेशियों को हटाने के लिए सड़क पर बैरीकेड्स या कुछ अन्य इंतजाम करने की बात वाहन चालकों ने कही है।

मृत आवारा मवेशी भी नहीं हटाए जाते हाइवे से
सड़क हादसों में म्रत आवारा मवेशियों को भी हाइवें की पेट्रोलिंग टीम नहीं हटाती हैं। इसके नतीजे में कई बार वाहन चालक इनसे भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि हाइवे पर मरे हुए जानवरों को हटाने के लिए एनएचएआई को प्रयास करने चाहिए।

यह हादसे हुए आवारा मवेशियों के चलते

अमोला में 20 दिन पहले एक सब्जी से भरा मिनी ट्रक आवारा मवेशियों के चलते पलट गया जिसमें चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। सुभाषपुरा थाना क्षेत्र में आवारा मवेशियों के झुंड के चलते बाइक चालक राजू को रात के समय यह मवेशी नहीं दिखे वे दुर्घटना का शिकार हो गए।

करीब एक माह पहले अहमदाबाद से कानपुर जा रही बस डिवाइडर से अचानक निकले मवेशी के कारण दुर्घटना ग्रस्त हो गई थी इसमें एक यात्री की मौत हो गई थी और 12 यात्री घायल हो गए थे। सतनवाड़ा थाना क्षेत्र में भी पतारा के निकट आवारा मवेशियों के चलते एक कार चालक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इसमें कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐयरबैग खुल जाने के चलते चालक सहित अन्य लोग बच गए थे।

बदरवास के समीप कई किमी सड़क गायब

शिवपुरी से गुना के बीच करोड़ों की लागत से फोरलेन हाइवे का निर्माण किया गया था, लेकिन पहली ही बारिश के बाद कई किमी तक सड़क गायब हैं। गिट्टी निकल आई है, जिसे लेकर वाहन चालकों का कहना है कि टोल तो वसूला जाता हैं, लेकिन सड़क का मेंटेनेंस तक नहीं किया जा रहा है। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।

शहर के लोगों ने लिखा एनएचएआई को पत्र

शहर के जागरूक लोगों ने हाइवे की बदहाली और आवारा मवेशियों को लेकर एक पत्र एनएचएआई के आला अधिकारियों को भेजा हैं और बताया है कि आवारा मवेशियों और हाइवे की बदहाली के चलते आए दिन हादसे घटित हो रहे हैं और लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। ऐसे में इन मवेशियों को लेकर व हाइवे के दुरूस्त कराने को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।

शहर के वायपास भी बने दुर्घटना के सबब

शहर के वायपासों पर भी आवारा मवेशियों के झुंड बैठे रहते हैं। इसके नतीजे में आए दिन वाहन चालक इनसे दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं लोगों का कहना है कि शहर में आवारा मवेशियों को हटाने की जिम्मेदारी नपा की हैं और नपा का इस ओर ध्यान नहीं हैं हादसों के बाद शहर में अभियान चलाया जाता है, जबकि आवारा सांडों के हमले में शहर के तीन लोगों केा अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।

हाइवे पर डिवाइडर तोड़कर बीचों बीच बनाए अस्थाई रास्ते

कोटा झांसी फोरलेन हाइवे पर ज्यादातर हो रहे सड़क हादसों के पीछे की अहम वजह हाइवे के बीचों बीच बनाए गए अस्थाई रास्ते हैं। इस वजह से दर्जनों लोग हाइवे पार करते समय जान गवा चुके हैं। खास बात यह है कि लोगों ने शिवपुरी से दिनारा के बीच डिवाइडरों को तोड़कर शॉर्टकट के फेर में अस्थाई रास्ते बना लिए हैं। इन रास्तों से होकर निकलने में लोगों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड रही है और लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।

जानवरो से वाहनो के एक्सीडेंट होने के कारण वाहन में बैठे यात्री तो संकट में आ रहे हैं साथ में जानवर भी अपने प्राण त्याग रहे हैं। यह क्रम वर्षा काल में अधिक हो जाता हैं। वर्षाकाल में सडक सुखी होने के कारण आवारा जानवर सडके के बीचो-बीच आकर बैठ जाता हैं। इसके लिए प्रशासन को अभियान चलाना चाहिए।

यह अभियान गांवो में निवास करने वाले पशुपालक के घर से शुरू होना चाहिए। पशुपालक अपने घर के प्रत्येक जानवर के सींगो में रेडियम स्वयं लगाए। ऐसा  जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। इससे सडक दुर्घटनाओ में कमी आऐगी और यात्री और जानवर भी सुरक्षित रहेगा।