सरकारी माया: इन गाँव में अंधिकाश ग्रामीणों की जन्म तारीख 1 जनवरी | Pohri News

पोहरी। खबर पोहरी अनुविभाग के कुछ आदिवासी बाहुल्य गांवो से आ रही हैं। जहां अधिकांश आदिवासी परिवारो की जन्मतिथि 1 जनवरी है,दादा,पिता ओर नाती सब 1 जनवरी को जन्मे है। इतना ही नही पडोसी भी 1 जनवरी को ही जन्मे है। आधिकांश आदिवासियो का भी जन्म 1 जनवरी हैं। यह कुछ भगवान की माया नही है बल्कि सरकारी माया है।

पोहरी अनुविभाग के 17 गांव के आसपास का आकंडा तो यही कह रहा हैं।आपका जिसका भी आधार कार्ड हाथ में आऐगा उसमे उसकी डेट आफ वर्थ 1 जनवरी ही अंकित हैंं। पोहरी के आदिवासी बाहुल्य जाखनौद, ककरा, आमई, उमरी, बटकाखेडी, नौन्हेटा, मेहरा, रामपुरा, डांगवर्वे, मचा सोनीपुरा, देहदे आदि गांव में अधिकांश आदिवासियो के आधार कार्डो में इनकी जन्मतिथि 1 जनवरी अंकित हैं। 

मचाखुर्द गांव के हक्के आदिवासी का जन्म तारिख 1 जनवरी 1975 हैं उसकी बेटी की जन्म 1 जनवरी 2004 और बेटे शिशुपाल का जन्म 1 जनवरी 2003 है अर्थात फुल फैमिली 1 जनवरी को ही जन्मी है।ऐसे सैकडो उदाहरण इन गांवो में मिल रहे हैं।

बताया जा रहा हैं कि इस जन्म काण्ड की गलती वोटर कार्डो से शुरूवात हुई हैंं। वोटर कार्ड बनाते समय उनकी जन्मतिथि अंकित नही की है। सिर्फ जन्म वर्ष अंकित हैं। इसके बाद इनका आधार कार्ड बनाया गया,चूकि सरकारी दास्तावेजो के नाम पर जिस पर जन्मतिथि अंकित होती है वह वोटर कार्ड था।

इस कारण आधार कार्ड बनाने वालो ने इनका जन्म वर्ष तो वही अंकित किया जो वोटर कार्ड में था,लेकिन जन्मतिथि अपने हिसाब से सबसे सुलभ 1 जनवरी अंकित कर दी। आधार कार्ड में पूरी जम्मतिथि अंकित करना आवश्यक होती हैं। इसके आलावा ग्रामीणो की उम्र भी सही अंकित नही है।

यह भी है मजेदार

आधार कार्ड के अलावा जो आदिवासी बच्चे स्कूलो में अध्यनरत है। उनके मामले में एक अजीब मजेदार बात देखने में आ रही हैं,आंगनबाडी और प्राथमिक पाठशाला में नाम दर्ज करते समय अधिकांश आदिवासी मुश्किल से ही अपने बच्चे की सही डेट आफ वर्थ बता पता हैं आगनवाडी कार्यकर्ता ओर स्कूुल मास्टरो ने अपने हिसाब से इनकी जन्मतिथि अंकित हैं। अधिकांश बच्चो की जन्मतिथि,15 अगस्त,26 जनवरी,2 अकटूबर और 1 जनवरी अंकित हैं।

सुधरवाएंगें गलती

जिला प्रबंधक ई गवर्नेस सोसयटी प्रंभात शर्मा ने कहा ने कहा कि सभी की जन्मतिथि एक होने के पीछे वजह जान पडती है,वह यह है कि आधार बनना जब शुरू हुए थे। जिन फर्मो को काम दिया गया था,उन्होने यह लापरवाही की होगी। अब हम नए सिरे से इनको सही करांएगें। हमने पोहरी सहित ऐसे ग्रामीण क्षेत्रो के लिए मशीनो का प्रस्ताव भेज रहे हैं।जल्द सुधरवाया जाऐगा।