​सिंधिया खानदान पर ज्योतिरादित्य ने लगाया कलंक | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। गुना शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया की पराजय के पश्चात पहली बार होगा जब 1957 के बाद से अब सिंधिया परिवार का प्रतिनिधित्व संसद में नहीं होगा। 1998 में तो इस राजपरिवार के तीन तीन सदस्य राजमाता विजयाराजे सिंधिया, स्व. माधवराव सिंधिया और वसुंधरा राजे सिंधिया सांसद थीं। 2007 और 2009 में इस राजपरिवार के दो सदस्य यशोधरा राजे और ज्योतिरादित्य सिंधिया सांसद रहे। 1957 से 2014 तक संसद में या तो राजमाता विजयाराजे सिंधिया अथवा माधवराव सिंधिया या ज्योतिरादित्य सिंधिया या वसुंधरा राजे सिंधिया पहुंचते रहे हैं। गुना सीट से 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा प्रत्याशी कृष्पाल सिंह यादव ने करीब 1 लाख 25 हजार मतों से पराजित किया है।

भारत में सिंधिया परिवार उन राजनैतिक घरानों में शामिल है जिनमेें आर्थिक समृद्धता के साथ साथ राजनैतिक समृद्धता भी है। इस परिवार की राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवराव सिंधिया, वसुंधरा राजे सिंधिया, यशोधरा राजे ङ्क्षसंधिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद में इस घराने का प्रतिनिधित्व किया है। कभी कभी तो सिंधिया राजपरिवार के दो दो सदस्य संसद में पहुंचे हैं। 1957 में राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने गुना से जीत हासिल कर संसद में पहुंचने का गौरव प्राप्त किया।

1962 में वह ग्वालियर से लड़कर संसद में पहुंची और 1967 में राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने फिर गुना से संसद का रास्ता तय किया। 1971 में माधवराव सिंधिया जनसंघ के टिकट पर गुना से संसद में पहुंचे और 1977 में माधवराव सिंधिया कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में गुना से जीतकर संसद में पहुंचे। 1980 में वह फिर गुना से जीते, लेकिन 1984 से लेकर 1998 तक सिंधिया गुना से सांसद चुने जाते रहे और 1989 से 98 तक लगातार चार चुनावों में राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने संसद में गुना का प्रतिनिधित्व किया।

1999 में माधवराव सिंधिया फिर गुना से सांसद बने और उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में 2001 में ज्योतिरादित्य सिंधिया सांसद बनने में सफल रहे तब से वह लगातार चार बार गुना से सांस निर्वाचित हुए, परंतु 2019 में उनकी पराजय के साथ ही लोकसभा में सिंधिया परिवार का प्रतिनिधित्व पहली बार देखने को नहीं मिलेगा।