दंगल बना जंग का मैदान, कुश्ती के अखाड़े में चले लाठी-डंडे

Adhiraj Awasthi

नरवर। शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र के मगरौनी कस्बे में रविवार शाम लगा मेला उस वक्त अफरा-तफरी और दहशत में बदल गया, जब  मगरौनी मेले में आयोजित  दंगल के अखाड़े में शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। कुश्ती को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने कुछ ही मिनटों में ऐसा उग्र रूप ले लिया कि दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए और बीसीसी ग्राउंड रणभूमि में बदल गया।

घटना रविवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। मेले में बड़ी संख्या में लोग दंगल देखने पहुंचे थे, लेकिन अचानक हुए इस बवाल से मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले मामूली बहस हुई, फिर गाली-गलौज और उसके बाद दोनों ओर से लाठियां चलने लगीं। इस मारपीट में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए।

अखाड़े से चौकी तक पहुंचा बवाल
दंगल स्थल पर हुई मारपीट के बाद मामला शांत होने के बजाय और भड़क गया। दोनों पक्ष शिकायत दर्ज कराने मगरौनी पुलिस चौकी पहुंच गए, लेकिन यहां भी गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। चौकी परिसर में ही दोनों पक्षों के बीच फिर से कहासुनी और धक्का-मुक्की के बाद झड़प हो गई। स्थिति बिगड़ती देख चौकी प्रभारी अभिमन्यु सिंह और पुलिस टीम ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और माहौल को काबू में लिया। कुछ देर के लिए चौकी परिसर भी तनाव का केंद्र बना रहा।

राजकुमार और दीपू गुर्जर की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
पहले पक्ष की ओर से पुरानी मगरौनी निवासी राजकुमार गुर्जर ने पुलिस को शिकायत देते हुए आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया, जिसमें उनके साथी राजा गुर्जर सहित कई लोग घायल हो गए। मारपीट में गंभीर रूप से घायल राजा गुर्जर की हालत बिगड़ने पर उसे शिवपुरी रेफर किया गया है।

वहीं दूसरे पक्ष की ओर से गढ़ौली निवासी दीपक उर्फ दीपू गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि पहले पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर हमला किया, जिससे उन्हें और उनके साथियों को चोटें आईं।

15 लोगों पर क्रॉस एफआईआर
मगरौनी चौकी प्रभारी अभिमन्यु सिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में कुल 15 लोगों के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। सभी घायलों का उपचार कराया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

मेले की खुशी में घुला तनाव
जहां मेले और दंगल का माहौल उत्साह और मनोरंजन से भरा होना चाहिए था, वहीं इस घटना ने पूरे कस्बे में तनाव और चर्चा का माहौल बना दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती, तो मामला और ज्यादा गंभीर हो सकता था।