सवर्ण समाज ने घेरा शिवपुरी विधायक जैन का कार्यालय, यूजीसी का विरोध जारी

Adhiraj Awasthi

शिवपुरी। शिवपुरी जिले में सवर्ण समाज संगठन के बैनर तले आज बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्रीय विधायक देवेन्द्र जैन के निवास पर पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा और केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।

यूजीसी नियमों को बताया काला कानून
सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित यूजीसी नियमों से देश की शिक्षा व्यवस्था में भारी असमानता पैदा होगी। उन्होंने इन नियमों को सवर्ण वर्ग के छात्रों के साथ सरासर अन्याय बताते हुए इसे काला कानून की संज्ञा दी। समाज का कहना है कि इन प्रावधानों के लागू होने से सामान्य वर्ग के मेधावी छात्रों के अवसर सीमित हो जाएंगे।

आरक्षण और असंतुलन पर जताई चिंता
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में आरक्षण और अन्य प्रावधानों के कारण सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि इससे योग्य युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शिक्षा क्षेत्र में योग्यता को प्राथमिकता दी जाए और इन विवादित नियमों पर तत्काल पुनर्विचार कर इन्हें वापस लिया जाए।

विधायक के समर्थन में नारेबाजी
विधायक निवास पर प्रदर्शन के दौरान माहौल पूरी तरह आवेशपूर्ण रहा। समाज के लोगों ने सरकार विरोधी नारों के साथ-साथ स्थानीय विधायक के प्रति विश्वास जताते हुए शिवपुरी का विधायक कैसा हो देवेंद्र जैन जैसा हो के नारे भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की अपील की।

उग्र आंदोलन की चेतावनी
सवर्ण समाज संगठन ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को जिला स्तर से बढ़ाकर प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा और प्रदर्शन को और अधिक तेज किया जाएगा।