खनियाधाना के जंगलों में अवैध उत्खनन खुलेआम, हर रोज सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉली निकलते हैं - khaniyadhana News

खनियांधाना। खनियाधाना क्षेत्र में प्रतिदिन खड़ीचरा बसाई आदि घाटी क्षेत्र से अवैध रूप से प्रतिदिन पत्थर का परिवहन हो रहा है जबकि रॉयल्टी नहीं है फिर भी परिवहन हो रहा है। अवैध रेत का परिवहन का खेल खुलेआम चल रहा हैं जानकारी के अनुसार खनियाधाना क्षेत्र में यदि सूत्रों की माने तो कोई भी शासन की रेत खदान की स्वीकृत नहीं हैं।

परंतु प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर ट्राली डंपर परिवहन हो रहा है, इसमें जो सबसे बड़ी बात है वह वन भूमि से मिट्टी लाकर उसको पानी से धोके बजरी बनाकर डंपर ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से बेच रहे हैं और मोटा वाघोली, सीतापाठा हिम्मतपुर, गोरवर, ऑडी, पचरा, कुम्हरा, सिलपुरा गोलाकोट खनियाधाना क्षेत्र की वन भूमि से मिट्टी अवैध रूप से लाकर बजरी बनाई जा रही है परंतु विभाग के कर्ता-धर्ता यह सब नहीं देख पा रहे हैं।

शासकीय भूमि से मिट्टी की खुदाई कर बना दी बड़ी-बड़ी खदान। खनियाधाना पणिहारा पंचायत से लगे वन भूमि एवं राजस्व भूमि से जेसीबी से डंपर और ट्रैक्टरों में लाल मिट्टी की खुदाई करके कुओं पर पंप से पानी डालकर बजरी रेत बनाई जा रही है और वन भूमि और राजस्व भूमि में बड़े-बड़े गड्ढे और खदान बन गई हैं। जो भविष्य में दुर्घटना का कारण बनेंगे एवं वन संपदा को भी हानि हो रही प्रशासन ने अवैध रूप से आंखें बंद कर रखी हैं और बजरी माफिया रेत माफिया अपने ढंग से वन भूमि हो अथवा राजस्व भूमि हो खुदाई कर रहे हैं।

खनियांधाना में चल रहा हैं अवैध रेत का परिवहन

खनियाधाना क्षेत्र में यदि सूत्रों की माने तो प्रशासन द्वारा कोई भी रेत खदान की स्वीकृत नहीं है परंतु प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर ट्राली डंपर जेसीबी से खुदाईकरके परिवहन हो रहा है, इसमें जो सबसे बड़ी बात है वह वन भूमि से मिट्टी लाकर उसको पानी से धोके बजरी बनाकर डंपर ट्रैक्टर ट्राली बेच रहे हैं मोटा वाघोली सीता पाठा गोरवर ऑडी पचरा कुम्हारा गोलाकोट खनियाधाना क्षेत्र की वन भूमि से मिट्टी अवैध रूप से लाकर बजरी बनाई जा रही है परंतु विभाग के कर्ता-धर्ता यह सब नहीं देख पा रहे हैं।

वन विभाग मैं पौधरोपण का अता पता नहीं की करोड़ों की राशि खर्च

शिवपुरी। खनियाधाना क्षेत्र में शासन की मंशा के अनुरूप अधिकांश शासकीय विभागों में वृक्षारोपण का काम बड़े उत्साह और जोर शोर से किया गया, परंतु वन विभाग ने इस बार पौध रोपण पर कोई ध्यान नहीं दिया। खनियाधाना में देवखो के पास चौरे मैं प्लांटेशन नहीं हुआ जो प्राकृतिक वृक्ष है, उनको पशु खा गए और पेड़ पौधे लगाए नहीं है पेट्रोलिंग नहीं होती है। अवैध कटाई स्थानीय वन कर्मियों की उदासीनता और जो भी कारण हो पर चरकुला मोटा खड़ी चरा गुलरघाटी ऊपर पूरा बंद क्षेत्र में अवैध कटाई चरम पर है।
इनका कहना हैं।
-तहसीलदार सुधाकर तिवारी मुझे जानकारी नहीं है पनियारा कहां है पटवारी को बुलाते हैं
इनका कहना हैं।
-जहां भी अवैध रेत का परिवहन हो रहा है मैं वहां फिर से सर्वे करवाता हूं अवैध परिवहन नहीं होने दूंगा
अनुराग तिवारी रेंजर