जिले में 353 दिन का हुआ कोरोना,मार्च में फिर मचला कोरोना:पढिए शिवपुरी में कोरोना की 1 साल की यात्रा

शिवपुरी। जिले में पहला कारोना मरीज 24 मार्च 2020 को दीपक शर्मा के रूप में मिला था,इसके 2 दिन बाद दूसरा मरीज खनियाधाना में मिला। इसके बाद अप्रैल और मई में कोई भी मरीज शिवुपरी में चिन्हित नही हुआ था। इसके बाद जिले में कोरोना की रफ्तार बढने लगी,बीते साल का सितंबर का माह कोरोना के लिए सबसे खतरनाक था और इसी माह में कोरोना से सबसे ज्यादा मौते हुई थी। सन 2021 की 17 फरवरी तक आते-आते 1 कोरोना का 1 मरीज पॉजीटिव रह गया था।

वही प्रशासन ने भी आईशोलेशन वार्ड को बंद कर दिया था,लोग भी मानने लगे थे कि शिवपुरी से कोरोना विदा हो गया। लेकिन कोरोना के मामले में इस मार्च में दूसरी पिच्चर दिखाई देने लगी,3 व 4 मार्च को 5 मरीज निकले और चार दिन कोई भी पॉजिटिव केस नहीं था। अचानक 9 मार्च को चार और 11 मार्च को 7 मरीज सामने आ गए। अब 13 मार्च को फिर से 6 पॉजिटिव केस और अब 14 मार्च को 9 नए मरीज सामने आ गए हैं। इसी के साथ एक्टिव केस बढ़कर 26 हो गए हैं।

कोरोना की रफ्तार कम हुई तो लापरवाह हुए लोग

मास्क लगाना अधिकांश लोगों ने छोड़ दिया था और सोशल डिस्टेंस का भी पाालन नहीं किया जा रहा था। भीड़ भरे सामाजिक आयोजन भी शुरू हो गए थे। भंडारा और भागवत कथा का दौर भी प्रारंभ हो गया था। पहले प्रशासन द्वारा मास्क न पहनने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाती थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसे भी रोक दिया गया है। साप्ताहिक लॉकडाउन भी समाप्त है और बाजारों में भीड़ उमड़ रही है।

इंदौर और भोपाल से लौटने वाले निकल रहे संक्रमित

शिवपुरी शहर में शुरूआती दौर में कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं, उनमें अधिकतर इंदौर और भोपाल से लौटे हैं। अपर कलेक्टर व उनका बेटा संक्रमित निकले, जिसमें बेटा इंदौर से लौटा। इसके अलावा अन्य मरीजों में भोपाल से लौटने वाले शामिल हैं। रविवार की कोरोना सैंपल की पॉजिटिव रिपोर्ट में एक झांसी का मरीज शामिल है।

विशेषज्ञ की राय: संक्रमण फिर से फैल रहा, एहतियात बरतें

डॉ रीतेश यादव, एमडी मेडिसिन, मेडिकल कॉलेज शिवपुरी का कहना है कि मौसमी बीमारियों की मरीज एकाएक बढ़े हैं, जिसमें कोरोना मरीज भी सामने आ रहे हैं। यानी मौसमी बीमारियों के साथ कोरोना संक्रमण फैल रहा है। हमने देखा था कि पिछले साल मार्च में मौसमी बीमारियों के मरीज बहुत कम रह गए थे।

क्योंकि लोग मास्क पहनने लगे थे और सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे थे। लेकिन पिछले माह संक्रमण खत्म हुआ तो लोग बिना मास्क घूमने लगे और सोशल डिस्टेंस भी नहीं रही। यदि मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंस रखते हैं तो कोरोना के साथ दूसरी बीमारियों से बचे रह सकते हैं। मार्च महीने में बीमारियां फैलने का सिलसिला जारी रहेगा।

बुधवार को क्राइसिस समूह की मीटिंग बुलवाई

कोरोना संक्रमितों की संख्या अचानक बढ़ रही है, यह चिंता का विषय है। हमने बुधवार को क्राइसिस समूह की मीटिंग बुलवाई है। लोग मास्क नहीं पहन रहे और सोशल डिस्टेंस का भी पालन नहीं कर रहे। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। इसके लिए चालानी कार्रवाई कराई जाएगी।
डॉ.एएल शर्मा, सीएमएचओ शिवपुरी