सरकार का खजाना खाली होने पर भी क्षेत्र के विकास में पैसे की कमी नहीं आने दी जाएगी: शिवराज - Shivpuri News

शिवपुरी
। पोहरी विधानसभा सीट के उम्मीदवार सुरेश राठखेड़ा के समर्थन में झिरी में आयोजित चुनावी आमसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ओर जहां भाजपा की केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रहीं जनकल्याणकारी योजनाओं को मंच से गिनाया वहीं दूसरी ओर कमलनाथ सरकार की डेढ़ साल के कार्यकाल की खामियों को जनता के बीच रखा। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर आरोप लगाते हुए कहा कि डेढ़ वर्ष के अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में कमलनाथ ने प्रदेश के गांव-गरीब और किसानों की चिंता नहीं की। भाजपा सरकार द्वारा चलाई गई तमाम योजनाओं को खजाने में पैसे कमी बताकर बंद कर दिया था। 

लेकिन अब चिंता की बात नहीं हैं भले ही कोरोना काल के कारण प्रदेश सरकार का खजाना खाली हैं। कहीं से भी पैसा लाकर जनता के दु:ख दर्द को दूर करने के लिए पैसे की कमी नहीं आने देंगे। 

कार्यक्रम में स्वागत भाषण भाजपा जिलाध्यक्ष राजू बाथम ने दिया। इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी सुरेश राठखेड़ा ने भी जनता को संबोधित करते हुए कांग्रेस और विधायकी छोडऩे का कारण रखा। कार्यक्रम में पोहरी विधानसभा के प्रभारी चुरैठ विधायक शरतेन्दु तिवारी, विधायक शरद कॉल पर विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से जनता से सवाल करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा अप शब्दों का उपयोग करते हुए उन्हें नंगे भूखा करार दे रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि नंगे भूखे और किसान के घर जन्म लेने वाले व्यक्ति को क्या सरकार चलाने का अधिकार नहीं हैं। वे मध्य प्रदेश के गांव जैतपुर की माटी में पले बड़े हैं वे बतायें कि उनका जन्म कहां का हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में जनता के साथ धोखा किया। 

इतना ही नहीं बच्चों को जन्म देने वाली प्रसूताओं बहिनों के लड्डू छीने असमायिक मृत्यु होने पर मिलने वाले 4 लाख रूपए छीने। गरीब परिवारों को नि:शुल्क कराई जाने वाली तीर्थ यात्रा भी छीनी इतना ही नहीं कफन का पैसा भी कमलनाथ ने गरीब जनता से छीनने का काम किया हैं। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जनता से वायदा करते हुए कहा कि अब शिवराज की सरकार हैं पैसे की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और कर्जमाफी की आस में जो किसान डिफाल्टर हुए हैं उन किसानों के ब्याज की राशि प्रदेश सरकार भरेगी। वहीं जिस क्षेत्र में सोयावीन की फसल खराब हुई हैं उस क्षेत्र का सर्वे करा लिया गया हैं। जिसका मुआवजा प्रदेश सरकार देगी।