सास ननद अब नहीं देंगी भाभी के जीवन में दखल, PPK ने कराया समझौता - Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में रविवार को आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र के शिविर में सुनवाई योग्य 18 प्रकरणों में से 8 में राजीनामा कराने में सफलता प्राप्त हुई तथा 8 प्रकरण महिला प्रकोष्ठ को कार्यवाही हेतु वापस कर दिए गए। वैसे कुल 25 प्रकरण आमंत्रित किए गए थे। जिनमें 7 प्रकरणों में एक पक्ष या दोनों पक्ष उपस्थित नहीं हुए। 

ग्वालियर जोन के आईजी अविनाश शर्मा के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रयासों से और शिवपुरी पुलिस कप्तान राजेश सिंह चंदेल की पहल और निर्देशन में चलाए जा रहे परिवार परामर्श के शिविरों में आपसी समझौतों कराकर परिवारों को टूटने से बचाने का अनुकर्णीय काम जिला पुलिस परिवार परामर्श केन्द्र के द्वारा किया जा रहा है। इसीक्रम में आयोजित रविवार के शिविर में 13 प्रकरणों का में से 8 प्रकरणों में राजीनामा हो गया। 

पिछोर निवासी राधे का विवाह आज से 12 वर्ष पूर्व ग्वालियर निवासी शालू से हुआ था और उनके दो बच्चे भी हैं। पत्नि का आरोप था कि पति घर खर्च हेतु न तो पैसे देते हैं और न ही परिवार और बच्चों पर ध्यान देते हैं। वहीं पति पत्नि की मोबाईल का अधिक प्रयोग करने के कारण नाराज रहता था। इसी के चलते विगत 6 माह से पत्नि अपने बच्चों सहित ग्वालियर मायके में रह रही थी। काउन्सलरों की कुशल समझाईज के बाद पति पत्नि में सुलह हो गई और अब वो साथ रहेंगे। पति सरकारी स्कूल में टीचर हैं। 

शिवपुरी निवासी विद्या का विवाह रामसिंह से 15 वर्ष पूर्व हुआ था और उनके दस वर्ष की एक बेटी भी हैं। परिवार में आर्थिक तंगी के कारण तना तनी रहती थी और पति पत्नि को प्राईवेट नौकरी भी नहीं करने देता था। इसके साथ ही घर में लाईट और पानी दोनों की व्यवस्था नहीं थी। 

इसके चलते पत्नि विगत आठ वर्ष से मायके में ही निवास कर रही थी। काउन्सलरों की कुशल समझाईश के बाद पति-पत्नि के बीच समझौता हो गया। अब पति अपनी पत्नि को प्राईवेट नौकरी या काम धंधे करने से नहीं रोकेगा और शीघ्र ही व्यवस्था करके घर में लाईट तथा पानी का कनेक्शन करा लेगा। 

करैरा निवासी राविया का विवाह दो साल पहले दतिया निवासी सलीम से हुआ था। राविया की सात ननद थीं जिनमें 6 विवाहित थीं और एक की शादी शेष थी। राविया का आरोप था कि घर में सातों ननदों का जबर्दस्त दखल था और वे उसे चैन से नहीं रहने देते थे। 

इसी के चलते विगत चार माह से राविया करैरा में अपने मायके रह रही थी। काउन्सलरों के द्वारा समझाईश देने पर यह तय हुआ कि अब पति घर से अलग रह कर जीवन व्यतीत करेगा और बहिनों की दखल अंदाजी भी अब नहीं होगी। इस बात का आश्वासन राविया के सास ससुर ने जो की काउन्सलिंग में उपस्थित थे उन्होंने दिया तथा राजीनामा पर भी उन्होंने हस्ताक्षर किए। 

इस शिविर में पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया, महिला थाना प्रभारी दीप्ति तोमर, कन्ट्रोल रूम प्रभारी सब इंस्पेक्टर ब्रजेन्द्र सिंह राजपूत, समीर गांधी, मथुरा प्रसाद गुप्ता, संतोष शिवहरे, भरत अग्रवाल, राजेन्द्र राठौर, डॉ. इकबाल खांन, राकेश शर्मा, विजय खन्ना, महिपाल सिंह अरोरा, श्रीमती पुष्पा खरे, बिन्दु छिब्बर, मृदुला राठी, प्रीति जैन, गुंजन खैमरिया, श्वेता गंगवाल, आनंदिता गांधी, रबजोत ओझा, सहित महिला सेल का स्टाफ मौजूद था। महिला सेल की विपिन शर्मा, विकास भार्गव, वैजन्ती आदि का सहयोग सराहनीय रहा।