शिवपुरी में गेहूं खरीदी की तैयारी अधूरी, 62% वारदाना, प्रशासन के लिए बनेगा चुनौती

Adhiraj Awasthi
Uploaded Image शिवपुरी। शिवपुरी जिले में इस साल समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तैयारियां तेज हो गई है, लेकिन वारदाने (बोरियों) की कमी प्रशासन के लिए चुनौती बनती नजर आ रही है। जिले में 15 अप्रैल से गेहूं उपार्जन शुरू होना है, जो 15 मई तक चलेगा। खास बात यह है कि इस बार खरीदी पिछले साल के मुकाबले एक महीने देरी से शुरू हो रही है- पिछले वर्ष 15 मार्च से खरीदी प्रारंभ हो गई थी।

बारदाने की कमी बनी सबसे बड़ी बाधा
जिले में फिलहाल केवल 62% बारदाना उपलब्ध है। अब तक 2500 गठानें (बेल) पहुंची हैं, जबकि कुल 4000 गठानों की जरूरत है। एक गठान में लगभग 500 बोरियां होती हैं, यानी अभी भी हजारों बोरियों की कमी बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि शेष वारदाना जल्द उपलब्ध हो जाएगा और रविवार से सभी उपार्जन केंद्रों पर इसकी सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात—विशेषकर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव—के कारण प्लास्टिक वारदाने की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर सीधे खरीदी व्यवस्था पर पड़ा है।

45 केंद्रों पर होगी खरीदी, रोज 1 हजार क्विंटल क्षमता
जिले में कुल 45 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां गेहूं की खरीदी की जाएगी। हर केंद्र पर प्रतिदिन करीब 1000 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सकेगा। प्रशासन का अनुमान है कि इस सीजन में करीब 13 लाख क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा।

2625 रुपए प्रति क्विंटल का आकर्षण
इस साल गेहूं का समर्थन मूल्य बोनस सहित 2625 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। बाजार में फिलहाल गेहूं के दाम कम चल रहे हैं, इसलिए किसानों का झुकाव समर्थन मूल्य पर खरीदी की ओर ज्यादा है।

किसानों की उम्मीदें और प्रशासन की चुनौती
जहां एक ओर किसान बेहतर दाम मिलने की उम्मीद में उपार्जन केंद्रों की ओर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के सामने समय पर पर्याप्त वारदाना उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुरें के अनुसार, 15 अप्रैल से खरीदी शुरू हो रही है। 2500 गठानें मिल चुकी हैं और बाकी जल्द मिलने की उम्मीद है। वारदाना केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।