shivpuri में गहराया जल संकट: मरम्मत कार्य अधूरा रहने से अब नए साल में ही नसीब होगा मड़ीखेड़ा का पानी

शिवपुरी। शिवपुरी के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने वाली सिंध जलावर्धन योजना की सप्लाई पर मेंटेनेंस का ग्रहण लगा हुआ है। मडीखेडा की पानी शहर की 80 प्रतिशत आबादी की प्यास बुझाता है,लेकिन नगर पालिका की कुप्रबंधन के कारण यह आबादी प्यासी और नगर पालिका से इस जख्म पर टैंकरों पर भरोसा दिला रही है। बीते 21 दिसंबर से पाइप लाइन फूटने के कारण यह सप्लाई बंद है और अब नए साल में ही पानी मिलने की उम्मीद हैं।

शिवपुरी शहर में ग्वालियर बायपास पर सिंध की पाईन लाइन टूट गई थी इसलिए इस लाइन को बदलने को निर्णय किया गया और  28 दिसंबर तक पाइप लाइन सही होनी थी और 29 दिसंबर को शहर में पानी आने की संभावना थी लेकिन 28 दिसंबर से सिंध की पाइप लाइन पर काम शुरू हुआ है अब अगले वर्ष अर्थात 2026 में ही आमजन को सिंध का पानी मिल सकेगा। मडीखेडा की सप्लाई रुकने के कारण शहर में पानी के लिए हाहाकार मच गया है। नगर पालिका 12 टैंकरों से पेयजल की सप्लाई का दावा कर रही है। शहर में आमजन पानी कट्टी हाथों में लेकर पानी की व्यवस्था करने में देखा जा रहा है।

इस मामले में नगर पालिका सीएमओ इशांक धाकड़ का कहना है कि बाहर से पाइप और फिटर मंगाने में समय लग गया इस कारण काम शुरू होने मे देरी हुई है और इस आपात स्थिति से निपटने के लिए शहर में टैंकर चलाए जा रहे हैं,वही सीएमओ ने बताया कि तत्कालीन समय में राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री के दौरे के कारण लगभग दो फीट की पाइप लाइन नहीं बदली जा सकी थी, क्योंकि उसके लिए पूरा चौराहा खोदना पड़ता। अब उसी पुराने हिस्से में खराबी आई है, जिसे पूरी तरह बदला जा रहा है।