UPSC में पाई 13 वीं रैंक, सिंघारपुर के किसानपुत्र जितेन्द्र का इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस में हुआ चयन- starts of shivpuri

संतोष पोहरी@शिवपुरी।
किसान परिवार में जन्में जितेन्द्र ने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस की चयन सूची में 13वीं रेंक हासिल कर न केवल अपने गांव सिंघारपुर का नाम रोशन किया बल्कि शिवपुरी जिले का नाम भी भारतभर में रोशन कर दिया है।

शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के छोटे से गांव सिंघारपुर में जन्में जितेन्द्र धाकड पुत्र श्रीनिवास धाकड़ ने अपनी प्राथमिक शिक्षा गांव में रहकर पूरी की तथा बचपन से ही होनहार होने के कारण पांचवी के साथ ही नवोदय विद्यालय की परीक्षा में सफलता हासिल की। संतोष शर्मा से चर्चा के दौरान बताया कि छठवीं से बारहवीं तक की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय पनघटा नरवर से पूरी करने के बाद आईआईटी मुम्बई से बीटेक् फिर एमटेक की डिग्री हासिल करने के साथ—साथ यूपीएससी की तैयारी भी जारी रखी। नवोदय विद्यालय में पढने के दौरान ही संघ लोक सेवा आयोग के प्रति लगाव पैदा हुआ और लक्ष्य बनाकर अपने प्रयासों को जारी रखा।

जानकारी के अनुसार छोटे से गांव में किसान श्रीनिवास धाकड़ एवं कमलेश धाकड़ के सबसे छोटे बेटे जितेन्द्र धाकड़ ने यूपीएससी की इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस की सूची में 13 वां स्थान हांसिल किया है। जितेन्द्र ने बताया कि उन्होंने 12 वीं तक की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय पनघटा नरवर से 93.6 प्रतिशत अंकों के साथ प्राप्त की, जिसके बाद आईआईटी बॉम्बे से बी टैक इलैक्ट्रीकल एवं वर्ष 2021 में एम.टैक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही यूपीएससी की तैयारी भी करते रहे।

वर्ष 2021 में एमटैक हासिल करने के बाद अपने गृह ग्राम सिंघारपुर में रहकर ही किताबों की सहायता से अधिकांश तैयारी पूरी की। उन्होंने बताया कि मोबाईल का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए। छात्रों को शिक्षा के लिए किताबों का अधिक से अधिक अध्यन्न करना चाहिए, अपने प्रयासों को लगातार जारी रखना चाहिए। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार एवं मित्रों को देते हुए कहा कि आपका परिवार और मित्र ही है जो आपको आगे बढऩे का हौंसला देते हैं।