स्वर्गीय बल्लभदास गोयल स्मृति छठवी कवि गोष्ठी सम्पन्न - Shivpuri News

शिवपुरी। परिमल समाज कल्याण समिति शिवपुरी द्वारा होली पर प्रतिवर्ष सांस्कृतिक आयोजन कराने वाले स्वर्गीय बल्लभदास गोयल की स्मृति में निरंतर छठवें वर्ष कवि गोष्ठी वरिष्ठ साहित्यकार पुरुषोत्तम गौतम के निवास पर आयोजित की।कोरोना महामारी के कारण पहली बार कवि सम्मेलन छोटी कवि गोष्ठी के रूप में सीमित संख्या में निर्देशो का पालन करते हुए सम्पन्न हुई।

सर्वप्रथम कार्यक्रम के अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार पुरुषोत्तम गौतम, शिवपुरी के नेत्र रोग विशेषज्ञ एचपी जैन व संस्कृत भारती के विभाग समन्वयक सुरेश शर्मा ने अमर बलिदानी तात्या टोपे व स्वर्गीय बल्लभदास गोयल के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।परिमल समिति के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा के संचालन में सर्वप्रथम पुरुषोत्तम गौतम ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय गोयल सांस्कृतिक कार्यक्रमो में बेहद रुचि रखते थे,व कई कार्यक्रम उनने प्रारम्भ किये,जिसमे प्रतिवर्ष अखिल भारतीय स्तर के कवियों की मौजूदगी में होने वाला होली पर हास्य कवि सम्मेलन प्रमुख है।

सामाजिक गतिविधियों में भी वह बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे,समाजसेवा में हमेशा आगे रहते थे,उनकी स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाये रखने का ये बेहतर तरीका है,समाज उसे ही सदा याद रखता है जो समाज के लिए कुछ विशेष कर जाता है। इस लिहाज से समाज के लिए सदैव तत्पर रहने वाले स्वर्गीय बल्लभदास गोयल का पुण्य स्मरण करना नितांत जरूरी है।

इसके बाद वरिष्ठ कवि व शायर डॉ एच पी जैन की अध्यक्षता में काव्य गोष्ठी प्रारम्भ हुई,जिसमे सबसे पहले वीर रस के कवि विकास शुक्ल प्रचंड ने वीर प्रसूता भारत भू ने हैं इतिहास बनाये। संत विवेकानंद सरीखे पुत्र धरा ने पाए सभी के समक्ष प्रस्तुत की। इसके बाद भगवान सिंह जी यादव ने-रुला भगवान को जो दे उसी नगमे को गाओ तुम। इसे भवभूति भी जाने करून रस में मजा क्या है,प्रस्तुत की।